मार्निंग वॉक के 16 फ़ायदे
प्रात: की सैर में बहुत फायदे छिपे हैं। रक्त को शुध्दि सरलता से हो जाया करती है। जरूर लाभ उठायें।
भागदौड़, तनाव और कई अचानक आने वाली परेशानियों ने जिंदगी को जहां अनियमित कर दिया है, वहीं कई तरह का दर्द जीवन में रोज का हिस्सा बन चुका है। दर्द किसी भी बीमारी से हो, उसके प्रति गंभीरता बहुत जरूरी है क्योंकि समय पर और सही इलाज न करना भी दर्द को बीमारी बना सकता…
पेट के रोगियों के लिये सबसे कारगर बज्र आसन है। इससे अपच की समस्या का समाधान होता है। पेट दबने से अग्नाशय दबता है जिससे अग्नाशय रसा खाने को पचाने के लिये प्रचुर मात्रा में निकलता है और पेट साफ रहता है तथा पेट की चर्बी भी कम होती है। इस आसन को करने से…
दाद-खुजली ऐसे चर्म रोग हैं कि समय रहते इसका इलाज नहीं किया गया तो यह फैसला जाता है। एलोपैथी मलहम बाजार में उपलब्ध हैं लेकिन इससे लाभ नहीं होता, यह सभी भुक्तभोगी जानते हैं परन्तु यदि घरेलू उपचार जो कि घर में ही कर सकते हैं, किये जायें तो आशातीत सफलता मिलती है। दाद इस…
रंगों का मौसम है। ऐसे में आपकी त्वचा और बाल आपसे कुछ अतिरिक्त केयर चाहते हैं। रंग लगाने से पहले अपनी त्वचा और बालों की अच्छी तरह आयलिंग कर लें। रूखी, तैलीय अथवा काम्बिनेशन त्वचा एवं बालों वाले लोग भी रंग छुड़ाने के लिए पहले क्लीजिंग मिल्क और फेस वाश का इस्तेमाल करें और उसके…
जैसे आत्मा के बिना शरीर बेकार हो जाता है और उसे मुर्दा समझकर जला दिया जाता है वैसे ही आध्यात्मिक अर्थ को समझे बिना त्योहार मनाना भी बेकार ही है, क्योंकि भारत के सभी त्योहार आध्यात्मिक अर्थ को लिये हुये हैं। अतः होली के भी आध्यात्मिक रहस्य को समझना चाहिए, क्योंकि उस आध्यात्मिक अर्थ का…
भारतीय संस्कृति की परम्परा में त्योहारों का बहुत ही महत्व है। जितने त्योहार भारत में मनाये जाते है उतना शायद ही विश्व के किसी और देश में मनाये जाते है। इसमें कोई दो राय नहीं की त्योहार हमारे जीवन में उमंग और उल्हास के रंग भर देते हैं, और उसमें भी ‘होली’ का जो पर्व…
रंग बोलते हैं, जीवन-रस, घोलते है, उत्साह और आनंद का संचार करते हैं, इंद्रधनुषी कल्पनाओं को जन्म देते हैं। अगर रंग नहीं होते तो जीवन नीरस हो जाता। रंग मन और मस्तिष्क में सरसता का संचार करते हैं। ऐसी सरसता जिससे जीवन मूल्यावान हो जाए। हम रंगों के माध्यम से अपनी भावनाओं और कल्पनाओं को…
होली एक ओर तो बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनायी जाती है तो दूसरी ओर रंगों तथा हास्य के पर्व के रूप में। रंगों के बिना होली की कल्पना भी नहीं की जा सकती। विभिन्न रंगों से सराबोर हो जाना चाहते हैं। होली के रंगों का आकर्षण ही ऐसा होता…
होली-मंगलोत्सव भारत वर्ष में मनाया जाने वाला एक प्रसिध्द लोकपर्व है। रस, रंग, माधुर्य से सराबोर यह पर्व आंतरिक उल्लास को उभारने वाला एक सांस्कृतिक पर्व है। यह पर्व कृषि कुसुमित संस्कृति के एक प्रतीक के रूप में भी प्राचीन समय से प्रचलित है। इसकी यह सार्वभौम विशेषता ही है, जिसके कारण देश के हर…
अक्सर आधुनिक युग में श्राध्द की नाम आते ही इसे अंधविश्वास की संज्ञा दे दी जाती हैं। प्रश्न किया जाता है कि क्या श्राध्दों की अवधि में ब्राह्मणों को खिलाया गया भोजन पितरों को मिल जाता है? क्या यह हवाला सिस्टम है कि पृथ्वी लोक में दिया और परलोक में मिल गया? ऐसे कई प्रश्न…